हजारो लफ्ज़, हजारो किताब दे देंगे !
में तुझको लिखू तो कागज जवाब दे देंगे !!
न मिसाल खुदा की, न कोई तेरी मिसाल!
न शायरी, न दलीले, न फलसफा, न ख्याल !
खुदा का जिक्र भी और तेरी गुफ्तगू भी अजीम !
मेरे लिए तो खुदा भी अजीम, तू भी अजीम !!
न लफ्ज़ तुझसे बड़े है, न सोच तुझसे बड़ी !
में तेरे वास्ते कुछ भी तो नहीं लिख सकता !!
-अजीम= महान